Tomato news: टमाटर के बाद अन्य सब्जियों के भी बढ़े दाम, अदरक 300 प्रति किलो

Tomato news: टमाटर के बाद अन्य सब्जियों के भी बढ़े दाम, अदरक 300 प्रति किलो

Tomato news

सब्जियों के दाम आसमान पर हैं टमाटर 250 प्रति किलो और अदरक 300 प्रति किलो बिक रहा हैं। इसकी सबसे बड़ी समस्या यह है कि कई इलाकों में बाढ़ के कारण सब्जियां खराब हो रही हैं। प्रभावित इलाकों में टमाटर सड़ रहे हैं, और उन्हें फेंका जा रहा है। जिसके कारण टमाटर के दाम बढ़ गए हैं बाजार में टमाटर कम मात्रा में उपलब्ध है। प्रभावित इलाकों में बाढ़ के कारण सब्जियां महंगी हो गई हैं लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है टमाटर 200 प्रति किलो तक पहुंच गया है।

टमाटर की कीमतों में भारी बढ़ोतरी के बाद अन्य सब्जियों की कीमतें भी आसमान छूने लगी हैं क्योंकि भारी बारिश के कारण कई हिस्सों में सब्जियों की आवक कम हो गई है। सब्जियों की कीमतें बढ़ने से हर घर की रसोई का बजट तेजी से बढ़ने लगा है। मुफ्त में मिलने वाला धनिया भी 200 रुपये प्रति किलो बिक रहा है। सब्जी व्यापारियों के मुताबिक अदरक 250 से 300 रुपये प्रति किलो बिक रहा है। जहां लहसुन 200 प्रति किलो है, वहीं बीन्स भी 160 प्रति किलो से पार है। हरी मिर्च भी 100 से 120 प्रति किलो के बीच बिक रही है। हालांकि टमाटर के दाम 250 से घटकर 150 हो गए हैं, फिर भी यह अप्रैल-मई के मुकाबले 3 गुना ज्यादा दाम पर बिक रहा है। आसमान छूती कीमतों के कारण टमाटर मध्यम वर्ग के ग्राहकों की रसोई से बाहर हो गया है, जिसके कारण ज्यादातर लोगों ने टमाटर खरीदना या तो कम कर दिया है या बंद कर दिया है।

सब्जियों के दाम बढ़ने से ग्राहक और किसान दोनों प्रभावित हो रहे हैं। किसानों और व्यापारियों को इन्हें महंगे दाम पर खरीदकर बेचना पड़ रहा है, जिसके कारण सब्जियों और उनके दामों में बढ़ोत्तरी से ग्राहक आक्रोशित और परेशान दिख रहे हैं। समस्या बनी हुई है और अब जिन इलाकों से टमाटर बाजार में बेचने के लिए लाए जाते हैं, वे इलाके बाढ़ से प्रभावित हो गए हैं, पहले स्थिति सामान्य थी लेकिन अब स्थिति और खराब हो गई है। बाजार में सब्जियों की कमी हो गई है, ऐसे में परिवहन व्यवस्था प्रभावित हो गई है। उत्तर भारत में भारी बारिश का असर सब्जियों पर पड़ा है, इसलिए कीमतें अब भी ऊंची हैं। लेकिन इसमें किसानों का फायदा हुआ है है, किसान तेजी से अमीर हो रहे हैं, महाराष्ट्र के जुन्नार इलाके के एक व्यापारी ईश्वर ने कहा कि उन्होंने और उनकी पत्नी सोनाली ने चालू सीजन में अब तक 2.4 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया है, जो एक साल पहले 1,500,000 रुपये था। वे 12 एकड़ जमीन पर टमाटर की खेती करते हैं।

खाद्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार रविवार को दिल्ली में टमाटर का खुदरा भाव 178 किलो था, जो 1 जनवरी की तुलना में 700 फ़ीसदी से भी ज्यादा है। ऐसी स्थिति रही तो कीमतें और बढ़ सकती हैं उत्तरी राज्यों में बाढ़ जैसी स्थिति और सड़कों पर रुकावट के कारण कई सब्जियों की आपूर्ति बाधित हो गई है। टमाटर का बड़ा हिस्सा हिमाचल प्रदेश से आता है जो बुरी तरह बाढ़ से प्रभावित हुआ है। अधिक वर्षा होने के कारण राजस्थान और हरियाणा के मैदानी क्षेत्रों में कई स्थानों पर लौकी, तुरई, बैंगन, कददू, हरी मिर्च और भिंडी की फसलें क्षतिग्रस्त हो गई हैं। इसका असर सब्जियों की कीमतों पर पढ़ रहा है यदि यही स्थिति रही तो कीमतें लंबे समय तक बनी रहने की उम्मीद है।

सब्जियों की बढ़ती कीमतों का असर फलों पर भी पड़ा है, फलों की कीमतें भी बढ़ने लगी हैं. वर्तमान में सेब की कीमत 2,200 रुपये प्रति पेटी है, जो 1200 से 1500 रुपये प्रति पेटी बिक रही थी। क्योंकि अधिक वर्षा के कारण मानव खाद्य पदार्थों पर गहरा प्रभाव पड़ रहा है। जिसके लिए सरकार ने कई कदम उठाए हैं और यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है कि आपूर्ति हर राज्य, हर शहर, हर गांव तक बड़ी मात्रा में पहुंचाई जा सके।

आइए एक नजर डालते हैं एक  महीने में तेजी से बढ़ने वाली सब्जियों के दामों पर

अदरक- जुलाई में 250 से 300 प्रति किलो
जून में 100 से 120 प्रति किलो

टमाटर- जुलाई में 250 से 150 प्रति किलो
जून में 20 से 30 प्रति किलो

हरा धनिया- जुलाई में 200 से 220 प्रति किलो
जून में 60 से 80 प्रति किलो

हरा मिर्चा- जुलाई में 100 से 120 प्रति किलो
जून में 40 से 50 प्रति किलो

लौकी- जुलाई में 60 प्रति किलो
जून में 20 से 30 प्रति किलो

बैंगन- जुलाई में 100 प्रति किलो
जून में 30 से 40 प्रति किलो

लहसुन- जुलाई में 200 प्रति किलो
जून में 70 से 80 प्रति किलो

शिमला मिर्च- जुलाई में 160 प्रति किलो
जून में 40 से 50 प्रति किलो

 

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *