Happy Onam: Onam 2023 ओनम का इतिहास, परंपराएँ महत्व और उत्सव

Happy Onam: Onam 2023 ओनम का इतिहास, परंपराएँ महत्व और उत्सव

Happy Onam- ओनम का इतिहास:

ओनम का त्यौहार महाभारत काल में आया था। यह एक पुरानी कथा से जुड़ा है, जिसमें महाभारत का एक प्रसंग है। किंवदंती के अनुसार, केरल के राजा की महाभारत के एक राजा से मित्रता थी और वह उन्हें भगवान विष्णु मानते थे। एक बार उन्होंने देवी लक्ष्मी को अपने दरबार में बुलाने के लिए कहा और उन्होंने अपने मनोबल से देवी को बुलाया।

लेकिन देवी ने उसे अस्वीकार कर दिया, क्योंकि वह देवी पार्वती को दरबार में आमंत्रित न करने से खुश नहीं थी। इस घमंड से राजा को अपनी गलती का एहसास हुआ और उसने सच्चे दिल से उससे माफी मांगने का फैसला किया। तब देवी ने उन्हें ओनम का त्योहार मनाने की सलाह दी, जिसका अर्थ है “ओह हो!” राजा ने इस सलाह का पालन किया और ओणम उत्सव का आयोजन किया। इसलिए ओनम का अर्थ है “ओह हो!” और इसे ख़ुशी और प्यार की निशानी माना जाता है.

Happy Onam: केरल का त्योहार खुशी और एकता का प्रतीक

ओनम भारत के केरल राज्य में मनाया जाने वाला एक महत्वपूर्ण त्यौहार है। यह त्यौहार हर साल खुशी और एकता के साथ मनाया जाता है और इस दौरान बहुत धूमधाम होती है। ओणम आमतौर पर मलयालम महीने ‘चिंगम’ में होता है, जो आमतौर पर अगस्त और सितंबर के बीच आता है, और भारतीय कैलेंडर के अनुसार मनाया जाता है।

ओनम का महत्व:

ओनम इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह जश्न मनाने का एक तरीका है कि मानसून का मौसम खत्म हो गया है और खेतों में फसलों का समय आ गया है। इसलिए यह खेती में सफलता का भी संकेत है।

ओनम की मुख्य विशेषताएं:

1. ओनम साध्य: ओणम के मुख्य दिन एक विशाल शाकाहारी भोज तैयार किया जाता है। इसमें चावल, सांबर, अवियल, थोरन, अचार और विभिन्न पायसम (मिठाइयाँ) शामिल हैं। ओनम का त्यौहार सजावट विभिन्न प्रकार के भोजन और मिठाइयों के लिए प्रसिद्ध है।

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2. पुक्कलम (फूलों की रंगीन पेंटिंग): ओणम के अवसर पर लोग अपने घरों के सामने अलग-अलग रंग-बिरंगे फूलों की पेंटिंग बनाते हैं। इससे घर में स्वागत होता है और खुशहाली का संकेत माना जाता है।

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3. नाव दौड़ (वल्लम काली): इसमें लोग नावों में दौड़ लगाते हैं और प्रतिस्पर्धा करते हैं। खासतौर पर चुंदन वल्लम का बोट रेस सीन देखने लायक होता है।

4. नृत्य और खेल: महिलाएं कायाकोट्टिकली और तिरुवथिरा जैसे नृत्य करती हैं, कायकोट्टिकलि में हाथों की ताल में बजाया जाता है, जबकि तिरुवातिरा गोलाकार आकृति में प्रदर्शित किया जाता है। इसके साथ ही ओनम के दौरान खेलों का भी आयोजन किया जाता है, जैसे दस्यु और पारंपरिक दौड़ वाले खेल।

 

5. पुलिकाली (बाघ का खेल): कुछ क्षेत्रों में पुलिकाली का पारंपरिक खेल ओणम के दौरान किया जाता है, जिसमें पुरुष खुद को बाघ के रूप में चित्रित करते हैं और सड़कों पर नृत्य करते हैं। यह एक रंगीन और मनमोहक दृश्य प्रस्तुत करता है।

6. ओनमाटप्पन: ओनमटप्पन घरों में एक प्रतीकात्मक छवि है जिसकी लोग ओणम के दौरान पूजा करते हैं। यह ओनम के दौरान भगवान विष्णु का प्रतीक है।

7. ओनम खेल: ओणम के दौरान विभिन्न पारंपरिक खेलों और खिलौनों का आयोजन किया जाता है, जैसे दासूकी और पारंपरिक धावक खेल। ये खेल खुशी का अधिक हिस्सा हैं।

ओनम के दौरान केरल में आपसी हित और समृद्धि का माहौल होता है। परिवार इकट्ठा होते हैं, उपहारों का आदान-प्रदान होता है और लोग उत्सवों में भाग लेते हैं। इस खुशी और सद्भाव को महात्मा गांधी ने “केरल के ओणम पर समाज की एकता और समृद्धि का सबसे उत्कृष्ट प्रतीक” बताया था। ओनम केरल के धर्म, संस्कृति और परंपरा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है और एक मनोरंजन और आध्यात्मिक त्योहार बना हुआ है।

Happy Onam: Onam 2023 ओनम का इतिहास, परंपराएँ महत्व और उत्सव

निष्कर्ष::

ओणम एक बड़ा और खुशियों भरा त्योहार है जो केरल की राजा महाभारत के किस्से से जुड़ा हुआ है। इस त्योहार के दौरान, लोग पुरानी परंपराओं और संस्कृति का पालन करते हैं, और एक-दूसरे के साथ जुड़ते हैं। यह खुशियों और समृद्धि का महौल बनाता है और केरल की सांस्कृतिक धरोहर का महत्वपूर्ण हिस्सा है। ओणम का यह त्योहार भारतीय समृद्धि और विविधता का प्रतीक है और इसका मानना भारतीय संस्कृति के अद्भुत प्रशंसा का हिस्सा है।

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