Cryptocurrency: क्रिप्टोकरेंसी के उपयोग के लिए भारत और अमेरिका के बीच सहयोग संभव

Cryptocurrency को लेकर भारत भले ही अभी कड़ा रुख अख्तियार किए हुए हैं। लेकिन क्रिप्टो करेंसी प्रौद्योगिकी के बेहतर तरीके से इस्तेमाल का रास्ता खोजा जा रहा है। इस संदर्भ में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और अमेरिकी वित्त मंत्री जेनेट येलेन के बीच हुई विपक्षी मुलाकात में यह मुद्दा उठा। दोनों देशों के मंत्री जी-20 समूह के वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक के गवर्नरों की गांधीनगर में चल रही बैठक में हिस्सा लेने के लिए वहां उपस्थित हैं। इनके बीच एक ऐसे फंड के गठन पर भी विचार हुआ है जिसका इस्तेमाल भारत में हरित ऊर्जा के इस्तेमाल को बढ़ावा देने में किया जा सके। इस बारे में वार्ता की शुरुआत पिछले महीने अमेरिका में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन के बीच हुई थी। दोनों मंत्रियों की अहम बैठक में क्रिप्टो करेंसी को लेकर काफी चर्चा हुई, जिसका फोकस मुख्य रूप से भारत में क्रिप्टो की ट्रेडिंग और खरीद-फरोख्त पर रहा।

प्रतिनिधि मंडल स्तर पर हुई इस बातचीत में अमेरिकी वित्त मंत्री ने कहा कि भारत की अध्यक्षता में जी-20 देशों की बैठक काफी सही तरीके से आगे बढ़ रही है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि भारत के साथ मिलकर महामारी के बाद पर्यावरण संबंधी जो चुनौतियां सामने आ रही हैं उसका बेहतर तरीके से सामना किया जा सकेगा और वैश्विक इकॉनमी और विकासशील देशों की इकॉनमी को मजबूत बनाया जा सकेगा। अमेरिकी वित्त मंत्री ने विकास कार्यो के लिए देने वाले एजेंसियों में बड़े सुधार की बात कहते हुए, भारत की मांग का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि अगले एक दशक में मौजूदा लक्ष्यों को हासिल करने के लिए लगभग $200 अरब डॉलर की जरूरत है।

Cryptocurrency: क्रिप्टोकरेंसी के उपयोग के लिए भारत और अमेरिका के बीच सहयोग संभव

भारत की अर्थव्यवस्था को सुधारने और अमेरिका और भारत के साथ व्यापार करने में उनके आयात और निर्यात पर विशेष रूप से चर्चा की गई। इसमें यह भी शामिल है कि क्रिप्टोकरेंसी को एक व्यवसाय के रूप में विकसित कर सकते हैं और इसका भारत और अमेरिका से सीधे व्यापार किया जा सकता है। ताकि हम आर्थिक कारक को मजबूत कर सकें। एक-दूसरे के देश को समर्थन देने और बढ़ते विकास टेक्नोलॉजी को पूरी तरह से विकसित किया सके, ताकि भारत और अमेरिका के बीच इन संबंधों को और भी मजबूत बनाया जा सके।

विश्व बैंक के नए प्रेसिडेंट अजय बंगा के नेतृत्व पर भरोसा जताया है कि वह बड़े सुधार के वाहक बनेंगे उन्होंने भारत के साथ अमेरिका के आर्थिक रिश्तों को और मजबूत बनाने की ज़िम्मेदारी ली और समर्थन किया। अमेरिकी वित्त मंत्री ने कहा कि बहुराष्ट्रीय कंपनियां काम कर रही हैं, वहां पर न्यूनतम 15% की दर से कर का भुगतान करें, इसके लिए अमेरिका और भारत सहित 140 देश वैश्विक कर मानदंडों में बदलाव पर सहमत हो गए हैं। वहीँ 38 देशों के समूह ओईसीडी ने कहा, यह अगले साल से लागू हो सकती है।

 

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